नवनिर्माण

सब नेता मिल कर आज
विधेयक एक पास करो
कचरा निकाल फेंको सब
ठीक ठीक हिसाब करो
न्याय से न्याय करो तुम
अन्याय का दीप बुझा दो
राजनीति की गन्दी नीति से
गन्दा शब्द हटा दो
नवयुवकों को तुम मौका दो
वो भी कर दिखाएं कुछ
उत्तराधिकार अब उनको दे दो
वरना वे जाएँगे बुझ
तुम्हारे बताये पथ पर चल कर
वे नया कुछ सृजन करे
ख़ुशी की लहर दौड़ पड़े
सब हर्षित हो कीर्तन करे
पथप्रदर्शक बनो तुम उन के
उन्हें नीति का ज्ञान दो
फिर देखो करते वे क्या है
उनका हाथ बस थाम लो
एक बार निश्चित करो तुम
नेता स्नातक पास हो
जाति धर्म से पृथक रहे
उस पर सबको विशवास हो
नेताओं को अध्यात्मिक खुराक
हर महीने तब दी जाये
नीति विशारदों के द्वारा
उनकी एक क्लास ली जाये
जहाँ पढ़े वे संस्कृति को अपनी
उन्हें सभ्यता का ज्ञान हो
चाणक्य नीति, कृषण-भेद
और प्राचीन विज्ञानं हो
शिक्षा स्तर में वृद्धि हो तब
शिक्षा प्रयोगात्मक बने
प्रेम हो भाई भाई में
लहू से हाथ तब न सने
ऐसे समाज का हो निर्माण
जहाँ हिंदु होना गर्व हो
प्रगति पथ पर हो अग्रसर
ये कामना सर्वजन में हो

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