शास्त्री जयंती

2 अक्टूबर को शख्श एक
पवित्र भारत भूमि पर आया
कालांतर में जिसने देश का
परचम दुनिया मे लहराया ।

सादगी से भरपूर था जीवन
ईमानदारी के थे ये प्रतीक
लाल बहादुर नाम था इनका
शास्त्री एक अनुभूति सटीक ।

गरीब परिवार में जन्मे थे ये
अभाव में लालन पालन हुआ
आठ महीने की उम्र थी मात्र
जब पिताजी का निधन हुआ ।

माँ रामदुलारी ने पाला इनको
देशभक्ति सरीखे संस्कार दिए
स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पडे
जैसे ही शास्त्री कुछ बड़े हुए ।

अपनी मेहनत से बढ़ते रहे आगे
अनेक पदों को सुशोभित किया
बने देश के दूसरे प्रधानमंत्री फिर
18 महीने तक था राज किया ।

1965 में पाकिस्तान ने जब
भारत पर युद्ध को थोप दिया
शास्त्री जी के नेतृत्व में देश ने
छठी का दूध याद दिला दिया ।

“जय जवान जय किसान” जैसा
जिस लाल बहादुर ने नारा दिया
आओ याद उन्हें आज करे हम
भारत को जग मे रोशन किया ।।

डॉ मुकेश अग्रवाल

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