संस्कृति के चार अध्याय

रामधारीसिंह दिनकर की

ये है एक अद्वितीय कृति

भारत मे हुई चार क्रांतियां

बनाती है देश की आकृति

 

पहली क्रांति जब हुई जब

आर्यो का यहां हुआ आना

मिले आर्येतर जातियों से

बुना नया एक ताना बाना

 

दूसरी क्रांति बुद्ध महावीर

के आने से हुई थी उत्पन्न

वेद उपनिषद को चुनोती

सामंजस्य का हुआ प्रयत्न

 

तीसरी क्रांति इस्लाम आया

हिंदुत्व से इनका संपर्क रहा

एक दूजे से लिया बहुत सा

फिर भी बहुत सा भेद रहा

 

चौथी क्रांति उपनिवेशवाद

यूरोपियन्स का आना हुआ

संस्कृतियों के इस मिलन से

आज का भारत उदय हुआ

 

भारत को अगर जानना हो

तुम ये किताब पढ़ना जरूर

संस्कृति के चार अध्याय”

जगाती है एक नया सुरूर

 

डॉ मुकेश अग्रवाल

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