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मेरा दर्शन
मुझे देखना है तो आँखें बंद कर लो, फिर चाँद की "शीतल" चांदनी में सो जाओ,
क्योंकि मैं अक्सर ख्वाब में आया करता हूँ, पागल है वो,जो मुझे मंदिरों में दूंढते फिरते है,
मैं तो प्रेम का भूखा हूँ, प्रेम देखकर आशियाँ बनाया करता हूँ, मुझ को चाहने वालो इस जहां को प्यार करो, क्योंकि इस जहां की हर चीज़ को मैं ही बनाया करता हूँ, मुझे देखना..............!
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