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कदम मिला कर चलना होगा

This poem of mine is dedicated to the social & economic justice which can be attained only by co-operation of every one.

सपनो को साकार लिए
सुंदर एक संसार लिए
मिल-जुल जाने की तमन्ना के
रंग बिरंगे हार लिए
हाथो में पतवार लिए
प्रेम का हथियार लिए
मंगल गायन करना होगा
कदम मिला कर चलना होगा .....

सृजन का उपहार लिए
रत्नों का व्यापार लिए
कागज कलम दवात लिए
जन समर्थन आधार लिए
दल दल से ऊपर उठना होगा
कदम मिला कर चलना होगा .....

 
Comments to the Poem
हम होंगे कामयाब
हम होंगे कामयाब एक दिन
ओहो मन में है विशवास
पूरा है विश्वास
हम होंगे कामयाब एक दिन

(Posted By: VAIDYA RAJINDER PAL SINGH - karnal )
Good work for good cause
with best wishes

(Posted By: DR. SANDHYA P J - thiruvananthapuram )
Definetely, i am too with you, thanks for mailing, be in touch
(Posted By: DR. AMIT CHOWDHARY - hisar )
Unity in diversity !
(Posted By: DR.BHAT - chennai )
मेहनत का फल मीठा होता है और मैं आशा करता हूँ की आप के इस विचार से जग में आयुर्वेद का सुस्थिर स्थान होगा..
(Posted By: DR. FEROZ - hyderabad )
सुन्दर रचना.
मिल कर चलना अद्भुत परिणाम दायक है परन्तु आज के युग में उतना ही कठिन भी है.
अत्यंत सुन्दर भाव.

(Posted By: DR. SURENDRA CHAUDHARY - greater noida )
ham honge kamyab
ham honge kamyab !!
pura hai vishwas
ham honge kamyab eak din !
best wishes !

(Posted By: DR. BRIJESH MISHRA - satara )
apke vichar bahut hi srahniya avam sunder hai . yahi aaj ki mang bhi hai ki ham sab milkar chale. is nake kaam me ham appke sath hain
(Posted By: DR. RAMESH DANGI - karnal )
अत्यंत सुंदर विचार है . हम आपके साथ है

(Posted By: DR. BHATTAD SATISH - shrirampur )
अच्छी बात है सर, कदम मीलाके चलेंगे एक सुन्दर,सुविशाल, संपन्न ,स्वस्त्य संसार के लिए
(Posted By: DR. (MRS.) MADHAVI RUDRAVARAM - bangalore )
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