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आँखे

भटके हुओ को राह पे
लाती है ये आँखे
अनजान मुसाफिरों को राह
दिखाती है ये आँखे
मुश्किलों में भी साथ
निभाती है ये आँखे
गम आये तो रोकर
बताती है ये आँखे
ख़ुशी में भी आंसू
छलकाती है ये आँखे
महबूब के आगे प्यार
जताती है ये आँखे
अफसाने वफ़ा के भी
सुनाती है ये आँखे
खूबसूरती का पैमाना भी
समझी जाती है ये आँखे
आशिकों को जाम भी
पिलाती है ये आँखे
शायरों के शेयरों और
कवियों की कविताओं में
बस जाती है ये आँखे
कई बार सच को झूठ में
कई बार झूठ को सच में
दिखलाती है ये आँखे
कभी कभी आँख भी
मार जाती है ये आँखे
और आदमी को पिटवाकर
बंदर बनवाती है ये आँखे
नजरो से नजर भी
मिलाती है ये आँखे
और कइयो को नजर भी
लगा जाती है ये आँखे
खुद को नजर से बचवाने को
काजल भी लगवाती
है ये आँखे
और इस तरह
दुनियाँ को दीवाना
बनाती है ये आँखे ..

 
Comments to the Poem
good poem, i am not fluent in hindi but am impressed.
(Posted By: DR. SANDHYA P J - thiruvananthapuram )
ज्ञान और विज्ञानं का आधार है ये आँखे
दुनिया में नित नए अजूबे बनवाती है यह आंखे
पलके उठी तो दुनिया दिखलाती है यह आँखे
पलके गिरी तो रब से मिलाती है आँखे
आँखों की बातों को आँखों में रहने दो
वर्ना न जाने कौन कौन से परदे उठाती हैं यह आँखें

(Posted By: DR. RAJESH LAKHANPAUL - mukerian )
सच में आँखे है कमाल के
अन्याय को देखते पर बोल नहीं पाते,बुरी काम का साक्ष बनके भी खामोशी baite यह आँखे कमाल के है लेकिन यह आँखे नहीं तो सब कुछ अँधेरा ही अन्धेरा और जीवन अधूरा सच मुच कमाल के है आँखे.

(Posted By: DR. (MRS.) MADHAVI RUDRAVARAM - bangalore )
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