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to the Poem |
जोश रग-रग मे ह ,इस vatan के vaste .sechane ko ह ye lahu इस चमन के vaste,,aayega jo kaal mera-इस vatan के vaste,honge lakho पवन इस चमन के vaste
(Posted By:
DR. PAWAN RAJYAN
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jhajjar
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जब तक आप जैसे एवं डॉ लखनपाल जैसे लोग हैं आशा की किरण भुझने नहीं पायेगी.
(Posted By:
DR. DEEPAK BHANOT
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delhi
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बहुत खूब sirji
(Posted By:
DR. ABHISHEK GOEL
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ashoknagar
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i love india
(Posted By:
DR. JAGTAR JHEETA
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nakodar
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भारत मेरा महान था महान है महान रहेगा कलयुग की छाया पे मत जा सत युग फिर आयेगा आत्याचार अभी और भरने दे फिर बदलाव आएगा जनता उठेगी हाथ में ले डंडा आत्याचारों का झंडा फिर न फेहरा पायगे पाप का अँधेरा छटने दे नया सवेरा आएगा वन्दे मातरम् गायंगे पापी जेल जायेंगे सतयुग का परचम फेह्रायेंगे गीत ख़ुशी के गायेंगे भारत की आभा लोटएंगे जय घोष सब को सुनायेंगे वन्दे मातरम गायेंगे
(Posted By:
DR. RAJESH LAKHANPAUL
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mukerian
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बहोत खूब ,सर!ऐसा होने के बावजूद भी संसार को हमारी उन्नति से दर लगता है....अगर आपने जो कहा वो कम हो तो क्या baat है!!??
(Posted By:
VAIDYA.PARESH DANGE
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nashik
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