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भारत विकास परिषद्

बच्चो में संस्कारों की बाते हो
या फिर बूढों की उनींदी राते हो
या यौवन को दिशा दिखानी हो
या देनी कुर्बानी हो

याद करो तुम हम को
हम झटपट आ जायेगे
हम भारत विकास परिषद् है
अंधियारे को दूर भगायेगें

गर चल पड़ोगे साथ हमारे
हर घर स्वर्ग बन जागेगा
बड़ा बेटा राम बनेगा
पिता दशरथ बन जागेगा

लक्षमण जैसा भाई होगा
मजा बड़ा फिर आएगा
राम-राज्य बनने में फिर
कहाँ देरी रह जाएगी

जब हर घर के आँगन में
एक सीता देखी जाएगी
ये सपना पूरा करने में
हम मिल कर दीप जलायेगें

हम भारत विकास परिषद् है
अंधियारे को दूर भगायेगें
 
Comments to the Poem
want to congratulate the entire team of ayurvedaconsults.com for such award.
(Posted By: DR. SURENDRA CHAUDHARY - greater noida )
want to congratulate the entire team of ayurvedaconsults.com for such award.
(Posted By: DR. SURENDRA CHAUDHARY - greater noida )
गुड यार इट्स great
(Posted By: DR. VIBHU MITTAL - karnal )
काश यह सपना सच हो जाये ,
(Posted By: DR. ABHISHEK GOEL - ashoknagar )
once again very nice one sir..
(Posted By: DR. (MRS.)POOJA MISHRA - dhar )
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