विदाई

आज पहली बार मेरा,

कलेजा मुह को आ रहा है,
शायद इसीलिए की.
विदाई का समय आ रहा है,
शायद..............!

उलझनों के सागर में,
घिर मैं गया हूँ,
परेशानियों का साया,
बढता ही जा रहा है,
शायद..............!

सोचा भी नहीं था कि,
होगा मेरा ये हष्र,
हर तरफ गहरा अँधेरा,
अब मंडरा रह है,
शायद..............!

हुआ जो अब तक सफ़र,
तय है तुम्हारे साथ,
याद रहेगा वो उम्र भर,
बन कर दिल में याद,
भिछुड़ने का ये गम,
मुझे खाए जा रहा है,
शायद..............!

इतना प्यार मुझे मिला है,
तुमसे मेरे यारों,
सुभ चिंतकों का साया अब,
छुटता ही जा रहा है,
शायद..............!

गलती कोई हुए हो मुझसे,
वो माफ़ कर देना,
बस इतना कह के मैं,
न चीज़ जा रह है.........

अब विदाई का समय आ रहा है.....!!
अब विदाई का समय आ रहा है.....!!

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