एक गरीब आदमी

देखता हूँ जिस तरफ

नजर आता है सिर्फ
एक गरीब आदमी

मुझ को भी तलाश है
बस यही अब आस है
देखूं मैं भी सुन्दरी
पास में आती हुई
प्यार से चूमे मुझे
फूल से छुए मुझे
मुझ को भी सरूर हो
अपने पर गरूर हो
चेहरे पर एक नूर हो
गम मेरा भी दूर हो
पर नजर आती नहीं
नजर वहां जाती नहीं
फिर वही एक रास्ता
दूर तक जाता दिखा
उस पर आता दिखा
एक गरीब आदमी
देखता हूँ जिस तरफ
नजर आता है सिर्फ
एक गरीब आदमी

मुझ को भी तलाश है
बस यही अब आस है
अदद सी एक कार हो
दिन रविवार हो
मौसम भी सुहाना हो
मन मेरा दीवाना हो
साथ में शबाब हो
हाथ में शराब हो
झूमूँ नाचू गाऊं मैं
long drive जाऊं मैं
पर नजर आती नहीं
नजर वहां जाती नहीं
फिर वही एक रास्ता
दूर तक जाता दिखा
उस पर आता दिखा
एक गरीब आदमी
देखता हूँ जिस तरफ
नजर आता है सिर्फ
एक गरीब आदमी

मुझ को भी तलाश है
बस यही एक आस है
एक बंगला आलिशान हो
गेट पर दरबान हो
१०-१५ नौकर-चाकर हो
जैसे जानी वाकर हो
लक्ष्मी मेहरबान हो
सरस्वती का जहान हो
दुर्गा जैसी शक्ति हो
मीरा जैसी भक्ति हो
पर नजर आती नहीं
नजर वहां जाती नहीं
फिर वही एक रास्ता
दूर तक जाता दिखा
उस पर आता दिखा
एक गरीब आदमी
देखता हूँ जिस तरफ
नजर आता है सिर्फ
एक गरीब आदमी

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