कर्म कर ,ना फल की इच्छा

दुःख से बचना चाहते गर

तो एक काम करना होगा

इच्छाओं व अपेक्षाओं को

अपने से दूर धरना होगा

 

सारी परेशानियों की जड़

ये चाहत और उम्मीद ही है

जीवन चाहते हो गर सुखी

इनसे हर हाल बचना होगा

 

जो सम्मान पाने की खातिर

हम सारी उम्र फिरे भटकते

ये अब जी का जंजाल बना

इस को ही अब तजना होगा

 

पद पैसा प्रतिष्ठा के फेर में

हम जीवन जीना भूल गए

खुशियां वापिस चाहिये गर

इस चंगुल से निकलना होगा

 

नेकी कर और कुँए में डाल

यही जीने का असल तरीका

कर्म कर ना फल की इच्छा

गीता पर अमल करना होगा

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